फ़्रैंक आर. स्टॉकटन · 1882 · 3 मिनट का वीडियो

दुल्हन या टाइगर? (The Lady, or the Tiger?) – स्टॉकटन की कहानी का हिंदी सारांश

दो दरवाज़े। एक के पीछे दुल्हन, दूसरे के पीछे भूखा टाइगर। सच सिर्फ़ उसे पता है जो उससे प्यार करती है, और उस दुल्हन से नफ़रत।

मूल कहानी का सारांश

एक "आधे-जंगली" राजा का इंसाफ़ अनोखा है। आरोपी को एक बड़े अखाड़े में लाया जाता है, जहाँ उसे दो एक जैसे दरवाज़ों में से एक खोलना होता है। एक के पीछे भूखा टाइगर, जो उसे फाड़ डालता है: यानी दोषी। दूसरे के पीछे एक सुंदर लड़की, जिससे उसकी उसी वक़्त शादी कर दी जाती है: यानी बेक़सूर। कौन सा दरवाज़ा क्या है, कोई नहीं जानता।

राजा की बेटी भी उतनी ही तेज़-तर्रार है। उसे दरबार के एक मामूली ओहदे वाले, सुंदर और बहादुर नौजवान से प्यार हो जाता है। राजा को पता चलता है तो नौजवान जेल में डाल दिया जाता है और अखाड़े में उसकी पेशी तय होती है।

सोने और अपनी ज़िद के दम पर राजकुमारी वह राज़ जान लेती है जो कोई नहीं जानता था: किस दरवाज़े के पीछे टाइगर है और किसके पीछे लड़की। उसे यह भी पता चलता है कि वह लड़की कौन है, दरबार की सबसे सुंदर लड़कियों में से एक, जिससे राजकुमारी नफ़रत करती है, क्योंकि उसे लगता है कि वह उसके प्रेमी को देखती थी।

पेशी के दिन नौजवान ऊपर राजकुमारी की ओर देखता है। उसे पता है कि वह जानती होगी। राजकुमारी हल्का-सा हाथ दाईं ओर हिलाती है। नौजवान सीधा दाएँ दरवाज़े पर जाता है और उसे खोल देता है।

कहानी यहीं रुक जाती है। राजकुमारी कई दिनों तक दो डरावनी तस्वीरों में फँसी रही थी: उसे टाइगर के हाथों मरते देखना, या उस लड़की से शादी करते देखना जिससे वह नफ़रत करती है। स्टॉकटन पाठक से ही पूछते हैं: दरवाज़े से कौन निकला, दुल्हन या टाइगर?

हमारा वीडियो कैसे अलग है

हमारे वीडियो में अखाड़ा एक लाइव टीवी शो है। राजा हर चैनल का मालिक है, राजकुमारी को उस रनर से प्यार हो जाता है जो उसकी कॉफ़ी लाता है, और फ़ैसला शुक्रवार की रात पूरे देश में लाइव दिखाया जाता है।

स्टॉकटन की तरह हम भी नहीं बताते कि कौन सा दरवाज़ा खुला। फ़ैसला आप कमेंट में कीजिए।

पात्र

राजा
घमंडी और दिखावे का शौक़ीन। उसका इंसाफ़ असल में एक तमाशा है।
राजकुमारी
तेज़, समझदार और जलने वाली। पूरा अंत इसी पर टिका है कि वह कैसी इंसान है।
नौजवान
बहादुर, और उसे पूरा भरोसा है कि वह उसे बचाएगी। वह एक पल भी नहीं हिचकता।
दुल्हन
सुंदर, और कहानी में लगभग पीछे। मुश्किल उससे नहीं, राजकुमारी की जलन से है।

कहानी के विषय

प्यार और जलन

राजकुमारी इतना प्यार करती है कि राज़ पता कर लेती है। सवाल यह है कि क्या इतना प्यार करती है कि उसे किसी और को सौंप दे?

क़िस्मत का इंसाफ़

राजा अखाड़े को इसलिए सही कहता है क्योंकि उस पर किसी का बस नहीं। स्टॉकटन दिखाते हैं कि ऐसा "इंसाफ़" कितना क्रूर है।

फ़ैसला

पूरी कहानी एक ऐसे फ़ैसले पर बनी है जो कभी बताया नहीं जाता, इसलिए वह फ़ैसला पाठक को करना पड़ता है।

कहानी के अंत का मतलब

इसका कोई पक्का जवाब नहीं है। स्टॉकटन ने ज़िंदगी भर जवाब देने से मना किया।

टाइगर के पक्ष में: राजकुमारी अपने पिता की तरह "आधी-जंगली" और बेहद जलने वाली है, और दुल्हन मिलने पर उसका प्रेमी हमेशा के लिए उसकी दुश्मन का हो जाता। दुल्हन के पक्ष में: वह उससे प्यार करती है, और उसे ज़िंदा रखना, चाहे किसी और के साथ, उसे बचाने का अकेला रास्ता है।

छात्रों के सवाल

'द लेडी, ऑर द टाइगर?' का जवाब क्या है?

कोई जवाब नहीं है। स्टॉकटन ने अंत जानबूझकर खुला छोड़ा और कभी नहीं बताया कि दरवाज़े से कौन निकला।

राजकुमारी ने किस दरवाज़े की ओर इशारा किया?

दाएँ दरवाज़े की ओर। कहानी नहीं बताती कि उसके पीछे क्या था।

राजकुमारी दुल्हन से नफ़रत क्यों करती थी?

उसे लगता था कि वह लड़की उसके प्रेमी को पसंद करती है और शायद वह भी उसे देखता था।

मूल कहानी: दुल्हन या टाइगर?, फ़्रैंक आर. स्टॉकटन (1882).

हर हफ़्ते नई कहानी, हर दिन नया Short

चेख़व, पो, प्रेमचंद और बाक़ी उस्तादों की कहानियाँ, बिल्लियों की एक मंडली के अभिनय में।

YouTube पर सब्सक्राइब करें

और कहानियाँ